THINK. ACT. CHANGE.

Artharth

- anshuman tiwari

जीएसटी जैसे-तैसेएक फरवरी 2018 भारत के लिए एक खास तारीख थी. इसलिए नहीं कि उस दिन बजट आया. वह तो हर साल आता है. यह भारत में विशाल अंतरराज्यीय कारोबार को एक सूत्र में पि [...]

- anshuman tiwari

टैक्स सत्यम्, बजट मिथ्यासत्य कब मिलता है ?लंबी साधना के बिल्कुल अंत में.जब संकल्प बिखरने को होता है तब अचानक चमक उठता है सत्य.  ठीक उसी तरह जैसे कोई वित्त मंत्री अपने 35 पेज [...]

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बजट की कसौटीएनडीए सरकार उसी घाट फिसल गई जिसको उसे सुधारना था. सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पढ़ते हुए महसूस होता है कि सरकारों के तौर-तरीके आत्मा की तरह अजर-अमर हैं. य [...]

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जवाबदेही का 'बजट'बजट की फिक्र में दुबले होने से कोई फायदा नहीं है. आम लोगों के बजट (खर्च) को बनाने या बिगाडऩे वाला बजट अब संसद के बाहर जीएसटी काउंसिल में बनता है. दरअ [...]

- anshuman tiwari

भारत, एक नई होड़तकरीबन डेढ़ दशक बाद भारत को लेकर दुनिया में एक नई होड़ फिर शुरू हो रही है. पूरी दुनिया में मंदी से उबरने के संकेत और यूरोप में राजनैतिक स्थिरता के साथ [...]

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